Category: Self Developement in Hindi

फिक्र – A Poem on our Common Insecurities

क्या कोई ख्याल तुम्हारा  नहीं ? कोई तो होगा ! कोई डर – कोई शर्म …जो मिल्कियत हो बस  तुम्हारी ! या तेरे  सारे डर...

छोटा सा सच !

 पहले , हर बच्चे के दो-दो जन्मदिन हुआ करते थे. पहला पूर्णतः निजी ! जो बच्चे के अभिभावक एक डायरी में लिख कर के रखते थे....

अब बोल भी दो…

Happy women’s day…. तुम्हारी लम्बी खामोशियाँ अब….  जहाँ के कानों को खल रही हैं पुराने मौसम बदलेंगे शायद नयी हवाएं चल रही हैं अबके बारिश...

रंग ….

ये रंग क्या है ?…. कहाँ बना था? रखा कहाँ था ?……. सबसे पहले। मेरा गेरुआ- और हरा तुम्हारा, बंटा था जब- उससे भी पहले...

A GENTLE REMINDER IN HINDI

बरसों पहले , उत्तर भारत में  एक महान राजा हुआ करते थे।  उनके यश की कीर्ति दूर दूर तक फैली हुई थी। उनकी सेना  विश्व...

LETS BREAK THE CAGE..

Let’s start with a poem …….or with a story…doesn’t matter.. well this poem is a sort of story itself , a story which most of...

मैं चलता रहा। ..MOTIVATIONAL POEM IN HINDI

रात खिड़की से – मुझको बुलाते रहे… वो सपने -जो बरसों जगाते रहे। उन ख्वाबों की -पगडण्डी थामे हुए… घर से निकले थे कब !-...

POINT OF VIEW explained in hindi

  दोस्तों हमारा ब्लॉग HinglishLy.com  मुख्य रूप से  सफल(successful )और प्रसन्न जीवन(happy life) जीने के तरीकों की खोज करता है ,  और आपके व्यावहारिक जीवन...