छोटा सा सच !

छोटा सा सच !

 पहले , हर बच्चे के दो-दो जन्मदिन हुआ करते थे. पहला पूर्णतः निजी ! जो बच्चे के अभिभावक एक डायरी में लिख कर के रखते थे. आवश्यकता पड़ने पर यह संवेदनशील जानकारी सिर्फ घर के पंडित जी के साथ में साझा की जाती थी. ( even wikileaks and cambridge analitica couldnt break the firewall of that godrej almirah) दूसरा विशुद्ध सरकारी ! […]

ROSE DAY STORY

ROSE DAY STORY

HAPPY ROSE DAY…. आज ऑफिस से ४ बजे ही निकल लिया,  दिन भर स्टॉक मार्किट के साथ दिल भी डूबता रहा।  तीन लाख डूब गए , बाकियों के भी डूबे , पर मेरा यक़ीन था की  बाकी बड़े लोग होंगे।  शाम होते होते मार्किट थोड़ा सुधरा पर मेरा बी पी  नहीं रस्ते में फूलों की दुकान सजी देखी तो याद […]