A GENTLE REMINDER IN HINDI

बरसों पहले , उत्तर भारत में  एक महान राजा हुआ करते थे।  उनके यश की कीर्ति दूर दूर तक फैली हुई थी। उनकी सेना  विश्व की सर्वाधिक बड़ी सेनाओ में से एक थी और  बड़े बड़े योद्धाओ और रणनीतिज्ञों  से सुसज्जित थी।

एक बार उन्हें   सामरिक प्रयोजन हेतु एक ऐसे सैनिक की आवश्यकता पड़ी जो महासागर पार कर शत्रु की स्थिति का पता कर सके।  परन्तु उस पूरी सेना में कोई भी ऐसा करने का साहस नहीं जुटा पा रहा था.

एक वरिष्ठ सेनापति ने एक युवा सैनिक से ऐसा करने के लिए कहा।

लेकिन सैनिक को अपनी क्षमताओं पर भरोसा नहीं था। ..

सेनापति ने सैनिक को उसकी शक्तियां याद दिलायीं.

और उसे बताया की वो अपने बचपन में कितने ही ऐसे काम कर चुका है लेकिन उस युवा सैनिक को कुछ भी याद नहीं आ रहा था , उसे शुरुवात में सेनापति की सारी बातें झूठी लगी। उसने पहले मना किया फिर विरोध किया और अंततः भरोसा किया।

इसके बाद उसने अपनी क्षमताओं  से आगे जाकर  सागर को पार किया और राजा के दिए हुए सारे काम पूरे कर दिए।

ये कहानी हद से ज्यादा काल्पनिक लगती है न !

हमें भी  ! पर क्या करूँ भारत में सौ करोड़  लोगों के लिए ये उनके जीवन का अटल सत्य है।

असल में यह प्रसंग महाग्रंथ रामायण से उठाया गया है।

और वो युवा योद्धा हनुमान हैं जिन्हे जामवंत ने सागर के तट पे उनकी असीम शक्ति का आभास कराया था।

आज आपको ये कहानी सुनाने के पीछे हमारा सिर्फ एक उद्देश्य है , आपको आपकी भूली क्षमताओं का अहसास करना। वो बड़े सपने जो आपने बचपन में देखे थे ; आपके बड़े होते ही वो छोटे क्यों हो गए ?

संभवतः आपने उन लोगों की बातों पे ज्यादा ध्यान दिया जो आपको बता रहे थे की आप क्या- क्या नहीं कर सकते।

लेकिन आज हम पूछते हैं ”  वो क्या है जो आप नहीं कर सकते ‘?

उठो हनुमान ! हमें तुम्हारा जामवंत बनकर ख़ुशी होगी !

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