छोटा सा सच !

छोटा सा सच !

 पहले , हर बच्चे के दो-दो जन्मदिन हुआ करते थे. पहला पूर्णतः निजी ! जो बच्चे के अभिभावक एक डायरी में लिख कर के रखते थे. आवश्यकता पड़ने पर यह संवेदनशील जानकारी सिर्फ घर के पंडित जी के साथ में साझा की जाती थी. ( even wikileaks and cambridge analitica couldnt break the firewall of that godrej almirah) दूसरा विशुद्ध सरकारी ! […]