मैं चलता रहा। ..MOTIVATIONAL POEM IN HINDI

मैं चलता रहा। ..MOTIVATIONAL POEM IN HINDI

रात खिड़की से – मुझको बुलाते रहे… वो सपने -जो बरसों जगाते रहे। उन ख्वाबों की -पगडण्डी थामे हुए… घर से निकले थे कब !- अब ज़माने हुए। तूने तक़दीर दी  – मैं बदलता रहा… पॉव जलते रहे – मैं चलता रहा। तूने शीशे के जैसे – दो दिन थे दिए… ‘खन्न’ से  टूटे थे वो – दो दिन न जिए। […]