अब बोल भी दो…

अब बोल भी दो…

Happy women’s day…. तुम्हारी लम्बी खामोशियाँ अब….  जहाँ के कानों को खल रही हैं पुराने मौसम बदलेंगे शायद नयी हवाएं चल रही हैं अबके बारिश बरसे जो बादल बूँद बूँद तुम्हारी आवाज़ बरसे वो पट्टी जो मुँह पे बंधी तुम्हारी खोल भी दो बोलो मेरी जान अब बोल भी दो छू न पायी , उन हिमालयों की चोटियों से जली […]